- Visit Daily BLOGS For MORE POSTINGSपरम पूज्य सुधांशुजी महाराज
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- भक्त वह हे जो अपना मन उस पृथवी के समान बना ले जिसमें लोग विष्ठा डालते हें पर वह
अन्न देती हे !
Sunday, October 5, 2014
भक्त वह हे
Friday, October 3, 2014
Thursday, October 2, 2014
संत कबीर दोहे
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
संत कबीर दोहे
सब धरती कागद करूं, लखनी सब बनराय।
सात समुँदर की मसि करूं, गुरू गुन लिखा न जाय।!
कबीर ते नर अंध है, गुरू को कहते और।
हरी रूठे गुरू ठौर है, गुरू रूठे नहीं ठौर।।
गुरू बडे गोविन्द ते, मन में देखू विचारी।
हरी सुमिरे सो बार, गुरू सुमिरे सो पार।।
Wednesday, October 1, 2014
गुरू महिमा
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
गुरू गोविन्द दोउ ,खडे काके लागुं पाय।
बलिहारी गुरूदेव की ,जिन गोविंस दियो बताय।।
गुरू बिन ज्ञान न उपजे ,गुरू बिन भक्ति न होय।
गुरू बिन संशय ना मिटे ,गुरू बिन मुक्ति न होय।।
गुरू -धोबी शिष्-कापडा ,साबुन -तिरजनहार।
तुरत -सिला पर धोइये ,निकले रंग अपार।।
Monday, September 29, 2014
दुर्भाग्य जब
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
दुर्भाग्य जब आता हे प्रिस्थिति खराब हो जातीं हें ,और ईनसान अकेला पड जाता हे !
छिपते सूरज को देख कर लोग दरवाजे बन्द कर लेते हें इसी प्रकार दुर्भाग्य के समय सब पराये हो जाते हें
पूज्य सुधांशुजी महाराज
Friday, September 26, 2014
संत महात्मा
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Thursday, September 25, 2014
दीन सब को
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
तुम्हें रोटी मिली हे तो दूसरों को खिलाकर खाओ !
पुज्य सुधांशुजी महाराज्
Wednesday, September 24, 2014
जीतो
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Monday, September 22, 2014
Sunday, September 21, 2014
आत्म जागरण का पथ

आत्म जागरण का पथ
जीवन बडा विचित्र हे , कब क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता ! भविष्य में क्या होगा
पता नहीं हे ! काल का रूप इतना भयंकर हे सब निगल जाता हे , संभाला जा सकता हे तो केवल वर्तमान को संभाला जा सकता हे ! जो क्षण चल रहा हे वही तो वर्तमान हे ,इसी को ठीक करना होगा !अपना रासता स्वंय बनाना होगा ! जीवन में उन्नति कर सकते हें जो स्वंय अपने को उपदेश दे सकते हें !
Saturday, September 20, 2014
Friday, September 19, 2014
पाप के पत्थर
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Thursday, September 18, 2014
जब ध्यान
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Wednesday, September 17, 2014
जिंदगी मैं धूप
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Tuesday, September 16, 2014
अपने बारे मैं
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Monday, September 15, 2014
शून्य मैं
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Sunday, September 14, 2014
mahanta
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
"महानता जब आपके अन्दर जागती है तो आप नीचा कुछ भी कार्य नहीं करेगें। ऐसा कुछ भी नहीं करेंगें जिससे आपको खुद भी निराशा हो।
इसलिए ध्यान रखें जैसे जैसे हम प्रभु के निकट होते जाते है हमारे अन्दर एक पूर्णता आती है , हमारा अधूरापन दूर होता है,
हमारी सम्पूर्णता जाग्रत होने लग जाती है।"
Saturday, September 13, 2014
Friday, September 12, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] गुरु से
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2014-09-12 10:35 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] गुरु से
To: mggarga1932@gmail.com
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मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- यदि आपने पात्रता सिद्ध करदी तो गुरु से सब कुछ ले सकते हो ! पारस मणि से भी कीमती हैं गुरु !
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 9/12/2014 10:35:00 am को पोस्ट किया गया
Sunday, August 31, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] एक दफा एक राजा
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
रासते में उन को एक किसान मिला जो पूरब की और जा रह था ! ज्योतिषी ने उस को रोका और बोला आज इधर दिशाशुल है इधर मत जाओ ! किसान बोला हजूर इधर तो में जब से मेने होश सम्भाला अपने खेत पर जाता रहा हूँ और मेरे बाप दादा भी जाते रहे हें ! ज्योतिषी ने कहा अच्छा अपना हाथ दिखा ! किसान ने उस को अपना उलटा हाथ दिखाया ज्योतिषी ने कहा सीधा कर के दिखाओ !
किसान बोला हम भिखारी नही हैं जो हाथ फेलाए ! हमारे शहर मे महाकाल का बास हे हम को काहे का डर हे .! और वह जै महाकाल कह कर चला गया !
राजा को भी अकल आइ और उसने मंत्री से कहा हमला बोलो और जै महकाल का नारा लगा कर हमला बोल दिया और जीत गया !
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/31/2014 04:15:00 pm को पोस्ट किया गया
Wednesday, August 27, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] अश्क आख़िर
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/27/2014 09:43:00 am को पोस्ट किया गया
Tuesday, August 26, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] आज का गुरु संदेश 26-8-2014
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
"जीवन की सम्पूर्णता है आनन्द और आनन्द परमात्मा का ही एक रूप या एक नाम है, जिसे सच्चिदानन्द कहा जाता है। हमारा जन्म परमात्मा से मिलने के लिए ही हुआ है और इसी उद्देश्य को लेकर हम दुनिया में आए है। वस्तुतः जीवन एक अवसर है परमात्मा से मिलने के लिए।"
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/26/2014 10:12:00 am को पोस्ट किया गया
Friday, August 22, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] विपत्ती मैं
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2014-08-22 10:37 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] विपत्ती मैं
To: mggarga1932@gmail.com
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- भगवान को भूलना मत ,
- सत्य को छोड़ना मत ,
- संपति से फूलना मत ,
- विपत्ती मैं मुरझाना मत ,
- परमार्थ सेवा करने से रुकना मत !
- परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/22/2014 10:37:00 am को पोस्ट किया गया
Tuesday, August 19, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] यदि हम आध्यात्मिक
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2014-08-14 10:50 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] यदि हम आध्यात्मिक
To: mggarga1932@gmail.com
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
"यदि हम आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश करना चाहते है तो सबसे पहले वैर को छोड़ना सीखें । अभी से नियम बनाइये कि मुझे किसी से वैर नहीं रखना। वैर नहीं तो प्रतिशोध नहीं , बदला भी नहीं । अपने को बदलने में विश्वास रखिये, दूसरों से बदला लेने की इच्छा नहीं करें ।"
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/14/2014 10:50:00 am को पोस्ट किया गया
Fwd: [AMRIT VANI ] anmol vachan
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2014-08-17 11:32 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] anmol vachan
To: mggarga1932@gmail.com
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- पाया है तो - छोडना है ,
- पैदा हुआ है तो - मरना है ,
- संयोग है तो -वियोग है ,
- पुरानी चीज़ छोड़नी पड़ती हैं नया मिल कर खुशी होती है !
- मेला वस्त्र धोते हो -मेला मन भी साफ करो !
- बदलाव जरुरी है !
- दुनिया तुम को छोडे उससे पहले तुम दुनिया को छोड़ दो और भगवान के नजदीक जाओ १
-
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/17/2014 11:32:00 am को पोस्ट किया गया
Fwd: अगर थोड़ा-सा भी
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
"अगर थोड़ा-सा भी कोई आपका भला करे तो आप कितना कितना धन्यवाद करते हें ।लेकिन वह जो रात-दिन आपका भला कर रहा है, आप पर कृपा कर रहा है, क्या हम इतना-सा भी नहीं कर सकते कि सुबह शाम बैठकर हाथ जोड़कर उस दाता से कहें कि प्रभु तेरा लाख-लाख शुक्र हें । तूने हम पर बड़ी कृपा की । इतनी सभ्यता का परिचय तो कम-से-कम हमें देना चाहिए ।"
Thursday, August 14, 2014
यदि हम आध्यात्मिक
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
"यदि हम आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश करना चाहते है तो सबसे पहले वैर को छोड़ना सीखें । अभी से नियम बनाइये कि मुझे किसी से वैर नहीं रखना। वैर नहीं तो प्रतिशोध नहीं , बदला भी नहीं । अपने को बदलने में विश्वास रखिये, दूसरों से बदला लेने की इच्छा नहीं करें ।"
Wednesday, August 13, 2014
जंगल का राजा सिंह
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।
Saturday, August 9, 2014
Fwd: [AMRIT VANI ] jeevan main
--
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/09/2014 10:50:00 am को पोस्ट किया गया
Friday, August 8, 2014
पैसे से आप
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- पैसे से आप बिसतर खरीद सकते हैं नींद नहीं
पैसे से आप भोजन खरीद सकते हैं भूख नहीं
पैसे से आप आदमी खरीद सकते हैं वफादारी नहीं
पैसे से आप दवा खरीद सकते हैं सवासथ नहीं
पैसे से आप किताब खरीद सकते हैं ज्ञान नहीं
पैसे से आप पाउडर खरीद सकते हैं सुन्दरता नहीं
पैसे से आप औरत खरीद सकते हैं पत्नी नहीं
पैसे से आप शस्त्र खरीद सकते हैं होसला नहीं
पैसे से आप मूर्ती खरीद सकते हैं भगवान नहीं
पैसे से आप सुख साधन खरीद सकते हैं शांति नहीं
--
Thursday, August 7, 2014
माया
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- माया तेरे तीन नाम
- परसा , परसी , परसराम !
- लुच्चा , गुनडा , बेईमान !
- अपनी हर मरजी भगवान से जोड़ दो !
- भक्ति जब जागती हे तो इनसान थोड़े में भी खुश हो जाता है !
- ऐसे मत चलो की देर हो जाए !
- हमेशा सोते मत रहो की अवसर निकल जाए !
- अच्छा काम फोरन करो बुरे काम के लिए देर कर दो !
-
Tuesday, August 5, 2014
मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- भूत को याद करके दुःखी मत होओं !
- भविष्य की चिंता मत करो !
- वर्त्तमान में जीओ !
- किसी से कोई अपेक्षा मत रखो !
- अपने कर्म बिना फल की इच्छा के करते जाओ !
Sunday, August 3, 2014
Fwd: मन की शान्ति के लिए
:
- अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
- क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
- हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
- भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
- किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो
Saturday, August 2, 2014
मन की शान्ति के लिए (भाग -२)
क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो !
Thursday, July 31, 2014
मन की शान्ति के लिए
- अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
- क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
- हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
- भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
- किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो
Wednesday, July 30, 2014
"भगवान को पाने
परमात्मा का नूर चारों ओर बरस रहा है, फूलों में , नदियों में , तितलियों के रंगबिरंगे पंखों में । समस्त सृष्टि उसकी सुन्दर रचना है।
इसे पर्यटक बन कर भोगो।"
परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज
Tuesday, July 29, 2014
Fwd: [ANANDDHAM.ORG] गुरुवाणी
Monday, July 28, 2014
Fwd: [ANANDDHAM.ORG] 9/07/2009 10:11:00 AM
| Must read it.......
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From the desk of Yuva Kranti dal |
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Sunday, July 27, 2014
Fwd: अमृत वचन
"हम इस बात को समझें कि सफलताएँ जो जीवन में घटी, उन्हें याद करें और उनसे सबक लें , जिससे उनको दोहराया जा सके।
अपनी विफलताओं को भी याद करो, बारबार उन पर भी ध्यान दो, उनसे भी सबक लो कि वो क्यों घटी ?
और उनको इसलिए ध्यान में रखो कि वो फिर दोहराईं ना जा सकें ।"
परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज








