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Sunday, October 5, 2014

भक्त वह हे

Thursday, October 2, 2014

संत कबीर दोहे

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



संत कबीर दोहे
सब धरती कागद करूं, लखनी सब बनराय।

सात समुँदर की मसि करूं, गुरू गुन लिखा न जाय।!

कबीर ते नर अंध है, गुरू को कहते और।

हरी रूठे गुरू ठौर है, गुरू रूठे नहीं ठौर।।

गुरू बडे गोविन्द ते, मन में देखू विचारी।

हरी सुमिरे सो बार, गुरू सुमिरे सो पार।।

Wednesday, October 1, 2014

गुरू महिमा

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 




गुरू महिमा

गुरू गोविन्द दोउ ,खडे काके लागुं पाय।
बलिहारी गुरूदेव की ,जिन गोविंस दियो बताय।।

गुरू बिन ज्ञान न उपजे ,गुरू बिन भक्ति न होय।
गुरू बिन संशय ना मिटे ,गुरू बिन मुक्ति न होय।।
गुरू -धोबी शिष्-कापडा ,साबुन -तिरजनहार।
तुरत -सिला पर धोइये ,निकले रंग अपार।।


Monday, September 29, 2014

दुर्भाग्य जब



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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



दुर्भाग्य जब आता हे प्रिस्थिति खराब हो जातीं हें ,और ईनसान अकेला पड जाता हे !

छिपते सूरज को देख कर लोग दरवाजे बन्द कर लेते हें इसी प्रकार दुर्भाग्य के समय सब पराये हो जाते हें

पूज्य सुधांशुजी महाराज

Friday, September 26, 2014

संत महात्मा

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 




संत महात्मा चलते फिरते तीर्थ हैं ,संतों के दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है !

Thursday, September 25, 2014

दीन सब को

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



दीन सब को देखता हे , दीन को कोई नहीं देखता , जो दीन को देखता हे दीनबन्धू कहलाता हे !
तुम्हें रोटी मिली हे तो दूसरों को खिलाकर खाओ !
पुज्य सुधांशुजी महाराज्

Wednesday, September 24, 2014

जीतो


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


क्रोध को जीतो मृदुता से 
मान को जीतो सरलता से 
माया को जीतो संतोष से 

Monday, September 22, 2014

दुनिया में बदलाव









  • दुनिया में बदलाव लाना हे तो प्यार से लाओ , घृणा से घृणा आती हे , बदलाव नहीं आता !

  • फर्ज , कर्ज , अर्ज , मर्ज , हमेशा याद रखो इनको भुलाओ नहीं !

  • फर्ज निभाओ , कर्ज चुकाओ , अर्ज पेश करो ,मर्ज को बढने मत दो !
    पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, September 21, 2014

आत्म जागरण का पथ








  • आत्म जागरण का पथ

    जीवन बडा विचित्र हे , कब क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता ! भविष्य में क्या होगा
    पता नहीं हे ! काल का रूप इतना भयंकर हे सब निगल जाता हे , संभाला जा सकता हे तो केवल वर्तमान को संभाला जा सकता हे ! जो क्षण चल रहा हे वही तो वर्तमान हे ,इसी को ठीक करना होगा !अपना रासता स्वंय बनाना होगा ! जीवन में उन्नति कर सकते हें जो स्वंय अपने को उपदेश दे सकते हें !



Friday, September 19, 2014

पाप के पत्थर

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

जीवन नैया की यह डगर सदैव डगमगाती है, इस पर हल्का भार ही रखना है। कहीं पाप के पत्थर भर लिए तो मजधार में ही डूबोगे।

Thursday, September 18, 2014

जब ध्यान

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 




जब ध्यान मैं बैठोगे तो अंदर आनंद आएगा 

Wednesday, September 17, 2014

जिंदगी मैं धूप


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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



जिंदगी मैं धूप  छौं  हो सकती है बस आपको सयम  रखना है !

Tuesday, September 16, 2014

अपने बारे मैं

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


अपने बारे मैं मत  सोचो दूसरों के बारे मैं जो सोचता है वह सब का प्यारा  होता है !


Monday, September 15, 2014

शून्य मैं

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


शून्य मैं सोना सीखो  यह ही ध्यान है !

Sunday, September 14, 2014

mahanta

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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 




"महानता जब आपके अन्दर जागती है तो आप नीचा कुछ भी कार्य नहीं करेगें। ऐसा कुछ भी नहीं करेंगें जिससे आपको खुद भी निराशा हो।

इसलिए ध्यान रखें जैसे जैसे हम प्रभु के निकट होते जाते है हमारे अन्दर एक पूर्णता आती है , हमारा अधूरापन दूर होता है,

हमारी सम्पूर्णता जाग्रत होने लग जाती है।"

 

Friday, September 12, 2014

Fwd: [AMRIT VANI ] गुरु से


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2014-09-12 10:35 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] गुरु से
To: mggarga1932@gmail.com




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Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 9/12/2014 10:35:00 am को पोस्ट किया गया

Sunday, August 31, 2014

Fwd: [AMRIT VANI ] एक दफा एक राजा

एक दफा एक राजा




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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



एक दफा एक राजा के  ऊपर  किसि दूसरे राजा ने हमला कर दिया ! राजा ने अपने ज्योतिषी को बुलाया और उनसे पूछा कि हम को क्या करना चाहिए ! ज्योतिषी ने उत्तर दिया महाराज जिस दिशा से हमला हुआ हे वह पूरब की और हे और आज उधर दिशाशूल हे ,आज हम उस और नहीं जा सकते ! व़जीर बराबर कह रहा हे कि महाराज फौरन हमला करो ! राजा ने कहा नहीं हम को ज्योतिषी की बात मननी है ! ज्योतिशी ने कहा हम को इस समय उलटी दिशा में जाना चाहिए ! और वो पश्चिम की और चल दिए !
उनका व़जीर बार बार कह रहा हे महारज हमला करो ! राजा ने कुछ नहीं सुना !
रासते में उन को एक किसान मिला जो पूरब की और जा रह था ! ज्योतिषी ने उस को रोका और बोला आज इधर दिशाशुल है इधर मत जाओ ! किसान बोला हजूर इधर तो में जब से मेने होश सम्भाला अपने खेत पर जाता रहा हूँ और मेरे बाप दादा भी जाते रहे हें ! ज्योतिषी ने कहा अच्छा अपना हाथ दिखा ! किसान ने उस को अपना उलटा हाथ दिखाया ज्योतिषी ने कहा सीधा कर के दिखाओ !
किसान बोला हम भिखारी नही हैं जो हाथ फेलाए ! हमारे शहर मे महाकाल का बास हे हम को काहे का डर हे .! और वह जै महाकाल कह कर चला गया !
राजा को भी अकल आइ और उसने मंत्री से कहा हमला बोलो और जै महकाल का नारा लगा कर हमला बोल दिया और जीत गया !



--
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/31/2014 04:15:00 pm को पोस्ट किया गया

Wednesday, August 27, 2014

Fwd: [AMRIT VANI ] अश्क आख़िर




आज का गुरु संदेश 27-8-2014
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


  • अश्क आख़िर अश्क है शबनम नहीं है ,
  • दर्द आखिर दर्द है सरगम नहीं है ,
  • उम्र के त्यौहार में रोना मना है ,
  • जिंदगी आख़िर जिंदगी है मातम नहीं है !
  • परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


  • --
    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/27/2014 09:43:00 am को पोस्ट किया गया

    Tuesday, August 26, 2014

    Fwd: [AMRIT VANI ] आज का गुरु संदेश 26-8-2014




    आज का गुरु संदेश 26-8-2014
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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    "जीवन की सम्पूर्णता है आनन्द और आनन्द परमात्मा का ही एक रूप या एक नाम है, जिसे सच्चिदानन्द कहा जाता है। हमारा जन्म परमात्मा से मिलने के लिए ही हुआ है और इसी उद्देश्य को लेकर हम दुनिया में आए है। वस्तुतः जीवन एक अवसर है परमात्मा से मिलने के लिए।"



    --
    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/26/2014 10:12:00 am को पोस्ट किया गया

    Friday, August 22, 2014

    Fwd: [AMRIT VANI ] विपत्ती मैं



    ---------- Forwarded message ----------
    From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
    Date: 2014-08-22 10:37 GMT+05:30
    Subject: [AMRIT VANI ] विपत्ती मैं
    To: mggarga1932@gmail.com



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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    • भगवान को भूलना मत ,
    • सत्य को छोड़ना मत ,
    • संपति से फूलना मत ,
    • विपत्ती मैं मुरझाना मत ,
    • परमार्थ सेवा करने से रुकना मत !
    • परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 



    --
    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/22/2014 10:37:00 am को पोस्ट किया गया

    Tuesday, August 19, 2014

    Fwd: [AMRIT VANI ] यदि हम आध्यात्मिक



    ---------- Forwarded message ----------
    From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
    Date: 2014-08-14 10:50 GMT+05:30
    Subject: [AMRIT VANI ] यदि हम आध्यात्मिक
    To: mggarga1932@gmail.com



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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    "यदि हम आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश करना चाहते है तो सबसे पहले वैर को छोड़ना सीखें । अभी से नियम बनाइये कि मुझे किसी से वैर नहीं रखना। वैर नहीं तो प्रतिशोध नहीं , बदला भी नहीं । अपने को बदलने में विश्वास रखिये, दूसरों से बदला लेने की इच्छा नहीं करें ।"



    --
    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/14/2014 10:50:00 am को पोस्ट किया गया

    Fwd: [AMRIT VANI ] anmol vachan



    ---------- Forwarded message ----------
    From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
    Date: 2014-08-17 11:32 GMT+05:30
    Subject: [AMRIT VANI ] anmol vachan
    To: mggarga1932@gmail.com


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    • पाया है तो - छोडना है ,
    • पैदा हुआ है तो - मरना है ,
    • संयोग है तो -वियोग है ,
    • पुरानी चीज़ छोड़नी पड़ती हैं नया मिल कर खुशी होती है !
    • मेला वस्त्र धोते हो -मेला मन भी साफ करो !
    • बदलाव जरुरी है !
    • दुनिया तुम को छोडे उससे पहले तुम दुनिया को छोड़ दो और भगवान के नजदीक जाओ १



    --
    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/17/2014 11:32:00 am को पोस्ट किया गया

    Fwd: अगर थोड़ा-सा भी

    अगर थोड़ा-सा भी




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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    "अगर थोड़ा-सा भी कोई आपका भला करे तो आप कितना कितना धन्यवाद करते हें ।लेकिन वह जो रात-दिन आपका भला कर रहा है, आप पर कृपा कर रहा है, क्या हम इतना-सा भी नहीं कर सकते कि सुबह शाम बैठकर हाथ जोड़कर उस दाता से कहें कि प्रभु तेरा लाख-लाख शुक्र हें । तूने हम पर बड़ी कृपा की । इतनी सभ्यता का परिचय तो कम-से-कम हमें देना चाहिए ।"


    Thursday, August 14, 2014

    यदि हम आध्यात्मिक


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    "यदि हम आध्यात्मिक नगरी में प्रवेश करना चाहते है तो सबसे पहले वैर को छोड़ना सीखें । अभी से नियम बनाइये कि मुझे किसी से वैर नहीं रखना। वैर नहीं तो प्रतिशोध नहीं , बदला भी नहीं । अपने को बदलने में विश्वास रखिये, दूसरों से बदला लेने की इच्छा नहीं करें ।"

    Wednesday, August 13, 2014

    जंगल का राजा सिंह


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    "जंगल का राजा सिंह सबसे ज्यादा पराक्रमी, बलशाली और शक्तिशाली होता हें । इतना सामर्थ्यवान होने के बाद भी
    उसके मुख में शिकार अपने आप आकर नहीं गिरता। उसे भी उठकर परिश्रम करना पड़ता हें ।
    दुनियाँ में चाहे कोई कितना भी समर्थ हें या असमर्थ हें, निर्बल या बलशाली हें, हर एक को परिश्रम करना पड़ेगा,
    अगर वह सफलता प्राप्त करना चाहता हें"।


    Saturday, August 9, 2014

    Fwd: [AMRIT VANI ] jeevan main

     jeevan main





    --
    Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 8/09/2014 10:50:00 am को पोस्ट किया गया

    Friday, August 8, 2014

    पैसे से आप


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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



    • पैसे से आप बिसतर खरीद सकते हैं नींद नहीं

      पैसे से आप भोजन खरीद सकते हैं भूख नहीं

      पैसे से आप आदमी खरीद सकते हैं वफादारी नहीं

      पैसे से आप दवा खरीद सकते हैं सवासथ नहीं

      पैसे से आप किताब खरीद सकते हैं ज्ञान नहीं

      पैसे से आप पाउडर खरीद सकते हैं सुन्दरता नहीं

      पैसे से आप औरत खरीद सकते हैं पत्नी नहीं

      पैसे से आप शस्त्र खरीद सकते हैं होसला नहीं

      पैसे से आप मूर्ती खरीद सकते हैं भगवान नहीं

      पैसे से आप सुख साधन खरीद सकते हैं शांति नहीं


    --

    Thursday, August 7, 2014

    माया

    माया

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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 

    • माया तेरे तीन नाम
    • परसा , परसी , परसराम !
    • लुच्चा , गुनडा , बेईमान !
    • अपनी हर मरजी भगवान से जोड़ दो !
    • भक्ति जब जागती हे तो इनसान थोड़े में भी खुश हो जाता है !
    • ऐसे मत चलो की देर हो जाए !
    • हमेशा सोते मत रहो की अवसर निकल जाए !
    • अच्छा काम फोरन करो बुरे काम के लिए देर कर दो !

    Tuesday, August 5, 2014

    मन की शान्ति के लिए (भाग -१ )




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    परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

     मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 


    • भूत को याद करके दुःखी मत होओं !
    • भविष्य की चिंता मत करो !
    • वर्त्तमान में जीओ !
    • किसी से कोई अपेक्षा मत रखो !
    • अपने कर्म बिना फल की इच्छा के करते जाओ !

    Sunday, August 3, 2014

    Fwd: मन की शान्ति के लिए


    :


    मन की शान्ति के लिए 
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    • अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
    • क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
    • हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
    • भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
    • किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो 

    Saturday, August 2, 2014

    मन की शान्ति के लिए (भाग -२)

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    अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
    क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
    हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
    भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
    किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो !

    Thursday, July 31, 2014

    मन की शान्ति के लिए

    मन की शान्ति के लिए 
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    • अपनी इच्छायों को नियनत्रण में रखो !
    • क्रोध मत करो ,क्रोध आया भी हे तो बढ़ने मत दो ,पानी पी लो ,वह जगह छोड़ दो ,लंबे लंबे साँस लो !
    • हमेशा प्रसन्न रहने की कोशिश करो !
    • भगवान ने जो दिया हे उसी में खुश रहो ,जो नहीं दिया उसके बारे में सोच कर दुःखी मत हो !
    • किसी की तरक्की देख कर दुःखी मत हो -जलो मत ,उस की तरह बनने की कोशिश करो 

    Wednesday, July 30, 2014

    "भगवान को पाने





    "भगवान को पाने के लिये मन में केवल भगवान को बिठाइये। संसार मै रहिये, किन्तु संसार को मन में मत बसा लीजिये। 

    परमात्मा का नूर चारों ओर बरस रहा है, फूलों में , नदियों में , तितलियों के रंगबिरंगे पंखों में । समस्त सृष्टि उसकी सुन्दर रचना है।

    इसे पर्यटक बन कर भोगो।"

     

    परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज

    Tuesday, July 29, 2014

    Fwd: [ANANDDHAM.ORG] गुरुवाणी

    mun mandir




    • जैसे चुन-चुनकर चीजें घर का ड्राइंग-रूम सजाते हो , ऐसे ही चुन-चुनकर गुणों से ह्रदय के मन्दिर को सजाने की कोशिश करो !


    --


    Monday, July 28, 2014

    Fwd: [ANANDDHAM.ORG] 9/07/2009 10:11:00 AM




    Must read it.......

    There was a huge Apple tree...
    A Little boy loved to play with it
    He Love to climb the tree, love to eat apples...love to take the nap under its shadow
    Times went on...
    The Boy grew up...
    And he no longer play around the tree
    …
    …
    …
    One day the boy came....


    The Tree asked him...
    "Hi…
    Come and Play with me..."


    The boy replied.
    " I m not a kid. I don't play around tree"


    "I play with toys. I need money to buy toys."

    The Tree said... "I Don't have Money but you can take all my apples and sell them.
    You will get the MONEY."


    The boy picked all the apples of the tree and went...
    He sold the apples and got money... he bought lots of toys...
    But he didn't turn back...
    ..
    ..
    The Tree was again sad...

    ..
    ..
    ..
    One day again the boy came, he became a young man now......

    The Tree said... "HI...Why Are you sad? Come and Sit under my shadow...
    I m feeling very lonely without you..."

    The boy said...
    "I don't have time...
    I work for my family...
    I want to build Home for them... I Need money..."

    The Tree said.. "I don't have money... You can take my Branches and Trunk... and build you home...."


    The Boy Became Happy...
    He cut all the branches and trunk of the tree


    And built a home for him......

    Again, the tree became alone...

    ..
    ..
    ..

    The boy didn't turn back…
    ...
    Time passes on …


    After Long time the boy came back…
    ...
    ...
    He was so old...
    Looking sad ...
    Tired...
    And Lonely…


    The Tree asked him... "Why are you Sad...?
    I Wish... I can help you...

    ...but I Don't have Apples... I don't have branches... Even
    I don't have Shadow...
    Nothing to Offer you...

    The Boy (Old man) Replied...
    "I am tired of my life...
    I am alone..."

    ..." I just need you ...
    Can I sit down at your roots."
    ...
    …
    …
    The Boy (Old man) sits down... Both were happy & weeping...


    Is the boy really cruel and selfish??
    ??
    ??
    ??
    ??
    ??
    No...

    We all are like him...
    And treating our parent like that...

    The tree is like our parent


    We love to play them when we were kids...
    We leave them alone...and come only when...


    We are in need or in trouble

    We don't have Time for our Parent...

    No matter what, parent will always give everything...


    To make us happy and solve our problems...


    ! And in return what they want....
    Just our company!
    Please love to your parent...

    Don't forget them...
    Give them Time...
    Give them your company...
    They will be happy by seeing you happy....


    Please don't leave your parent...
    Gratitude them...
    One can have Child as many as he want, but parent he gets only
    ONCE...

                               Think about this…………..

                                                                       

                                                              From the desk of Yuva Kranti dal

     



    --


    Sunday, July 27, 2014

    Fwd: [Sarathi] New Video

    Fwd: अमृत वचन


      

    "हम इस बात को समझें कि सफलताएँ जो जीवन में घटी, उन्हें याद करें और उनसे सबक लें , जिससे उनको दोहराया जा सके।

    अपनी विफलताओं को भी याद करो, बारबार उन पर भी ध्यान दो, उनसे भी सबक लो कि वो क्यों घटी ?

    और उनको इसलिए ध्यान में रखो कि वो फिर दोहराईं ना जा सकें ।"

     

    परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज